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कार्यालय आयुक्त, विकलांग जन, पर प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्रों को निस्तारित किए जाने की प्रक्रिया

  1. आयुक्त विकलांग जन, उ0प्र0 कार्यालय में विकलांग जन द्वारा अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु सादे कागज पर अपनी समस्या का उल्लेख करते हुए तथा उससे सम्बन्धित अभिलेखों एवं विकलांगता प्रमाण पत्र की छाया-प्रति संलग्न कर शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए जाते हैं। इसके साथ कोई शुल्क देय नहीं है।

  2. समस्त शिकायती प्रार्थना पत्रों को आयुक्त, महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, प्रथम दृष्टया विकलांग जन अधिनियम-1995 की किसी धारा का स्पष्ट उल्लंघन परिलक्षित होने पर आयुक्त महोदय के विशिष्ट निर्देशों में प्रकरण को विकलांग जन अधिनियम-1995 की धारा-62 के अन्तर्गत परिवाद के रूप में ग्रहण करते हुए निम्नानुसार कार्यवाही की जाती है:-

    अ- परिवाद के रूप में दर्ज शिकायतों पर उभयपक्षों को प्रश्नगत अधिनियम की धारा-62 के अन्तर्गत कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 दिनों के अन्दर लिखित रूप से प्रस्तरवार उत्तर / अभिकथन दाखिल किए जाने के निर्देश आयुक्त महोदय के स्तर से दिए जाते है।
    ब- सम्बन्धित पक्ष द्वारा अभिकथन / उत्तर दाखिल न किए जाने की स्थित में उन्हें 15 दिन का अतिरिक्त समय अभिकथन / उत्तर लिखित रूप में दाखिल किए जाने हेतु अनुस्मारक पत्र जारी किया जाता है।
    स-  प्रश्नगत परिवाद पर समयान्तर्गत लिखित रूप से अभिकथन / उत्तर दाखिल होने / दाखिल न होने की स्थिति में उभयपक्षीय सुनवाई के लिए विकलांग जन अधिनियम- 1995 की धारा-62 के अन्तर्गत उपस्थिति हेतु तिथि एवं समय निर्धारित कर वादी एवं परिवादी को सम्मन जारी किया जाता है।
    द- प्रश्नगत परिवाद में आयुक्त महोदय द्वारा परिवाद के गुण-दोष के आधार पर उभयपक्षीय / एक तरफा सुनवाई करते हुए आदेश / निर्णय प्रदान किए जाते हैं।
  3. विकलांग जन की अन्य विभिन्न प्रकार की समस्याओं सम्बन्धी प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निराकरण हेतु उन्हें ग्रीवान्स के रूप में सूचीबद्ध करते हुए स्थानीय अधिकारियों / विभागों को प्रशासनिक निर्देश जारी करके राहत दिलाए जाने की कार्यवाही उपायुक्त स्तर से की जाती है तथा प्रकरण पर सम्बन्धित अधिकारियों / विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए 90 दिनों के अन्दर उनके ग्रीवान्स का निराकरण कराए जाने का प्रयास किया जाता है।
  4. विकलांग जन अधिनियम- 1995 के प्रभावी क्रियान्वन तथा विकलांग जन की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर निराकरण / निस्तारित किए जाने के सम्बन्ध में प्रश्नगत अधिनियम की धारा-60(4), एवं (5) के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अधिसूचना संख्या-4582/दो-1-2003-19/1(17)/2003 दिनांक 16 अगस्त 2003 जारी करते हुए आयुक्त विकलांग जन, उ0प्र0 के अधीन, प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को पदेन अपर आयुक्त, विकलांग जन, नियुक्त किया गया है तथा इसी क्रम में पत्र संख्या-690-935/263/आ0वि0ज0/2003-04 दिनांक 20 अक्टूबर 2003 द्वारा उनके दायित्व भी निर्धारित किए गए है।


कार्यालय आयुक्त, विकलांग-जन, उ0प्र0

अन्तर्गत विकलांग जन (समान अवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम-1995
कार्यालय / न्यायालय आयुक्त विकलांग जन, उ0प्र0 21,
कृष्णा कालोनी, फैजाबाद रोड, महानगर, (निकट फातिमा अस्पताल)
लखनऊ-226006 दूरभाष-0522-2328004
पत्र सं0:                      /आ0वि0ज0/ग्री0                        /        / लखनऊ, दि0                /        /200
 

सेवा में,

            जिलाधिकारी एवं अपर आयुक्त, विकलांग जन,

            जनपद-------------------------------------------------------------------------

विषय : ---------------------------------------------------------------------------------

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1 - शिकायतकर्ता श्री / कु0 / श्रीमती : ------------------------------------------------------- ने उपरोक्त विषयक एक शिकायती पत्र दि0        /        /200    /रहित जो मूल रूप में आपको भेजा जा रहा है, आयुक्त विकलांग जन के समक्ष प्रस्तुत किया है।

2 - उपरोक्त के क्रम में शासन द्वारा अधिसूचना सं0 4582/दो-1-2003-19/1(07)/2003 दि0 16 अगस्त 2003 एवं आदेश सं0 690-935/263/आ0वि0ज0/2003-04 दि0 20 अक्टूबर 2003 द्वारा आपको विकलांग जन की समस्याओं के निराकरण के सम्बन्ध में पदेन अपर आयुक्त, विकलांग जन नियुक्त करते हुए, विहित प्रक्रिया के अनुसार प्रकरण के निस्तारण के अधिकार प्रदान किये गये हैं।

3 - अत: उपरोक्त के क्रम में आयुक्त महोदय द्वारा यह आदेशित किया जाता है कि सम्बन्धित प्रकरण की जाँच करवालें तथा निर्णय लेने से पूर्व शिकायतकर्ता एवम् पक्षों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए प्रकरण का अन्तिम निस्तारण विकलांग जन (समान अवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम-1995 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत करने का कष्ट करें। साथ ही इस मामले के अभिलेख/पत्रावली सुरक्षित रखी जाय ताकि यदि इस मामले से सम्बन्धित पत्रावली आयुक्त, विकलांग जन, उ0प्र0 द्वारा भविष्य में साक्ष्य या अभिलेख प्रस्तुत करने हेतु निर्णय लिया जाता है तो आप द्वारा उनको उपलब्ध कराया जा सके।
संलग्नक : यथोक्त।

आज्ञा से,
आयुक्त

पृष्ठांकन एवं दिनांक तदानुसार।

  1. प्रतिलिपि शिकायतकार्ता श्री / कु0 / श्रीमती ---------------------------------------------- को इस आशय के साथ प्रेषित की जा रही है कि वे उपरोक्तानुसार जनपद के जिलाधिकारी एवं अपर आयुक्त विकलांगजन, से सम्पर्क करें।

  2. जिला विकलांग / समाज कल्याण अधिकारी, जनपद ------------------------------------------- को आदेश सं0 690-935/263/आ0पि0ज0/2003-04 दि0 20 अक्टूबर 2003 के क्रम में सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही किए जाने हेतु प्रेषित।

आज्ञा से,
उपायुक्त


न्यालालय, आयुक्त विकलांग-जन, उ0प्र0

अन्तर्गत विकलांग जन (समान अवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम-1995 21,
कृष्णा कालोनी, फैजाबाद रोड,
लखनऊ उ0प्र0, (दूरभाष सं0 : 0522-2328004)
पत्रांक :                 /        /  अनु0/आ0वि0जा0/नो0/200    -0    /लखनऊ            दिनांक    /        /200
अनुस्मारक

वाद सं0- ...........................

प्रकरण में               ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................

 

बनाम,                  ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................

    उपरोक्त विषयक एक शिकायती प्रार्थना पत्र जिसकी संख्या ........................... है तथा इस सम्बन्ध में एक कारण बाताओ नोटिस दिनांक     /        /    200 आपको तामील करायी गयी थी। जिसके द्वारा आपसे प्रश्नगत शिकायती प्रार्थना पत्र के सम्बन्ध में दिनांक         /        /   200        तक लिखित कथन दाखिल किये जाने की अपेक्षा की गयी है, जबकि निर्धारित समय तक आप द्वारा कोई लिखित कथन दाखिल नही किया गया है। अत: पुन: एक बार अपेक्षा की जाती है कि 15 दिनों के अन्दर और दिनांक     /        /200   तक अपना लिखित कथन दाखिल करें तथा उसकी एक प्रति वादी/वादियों को भी अपने स्तर से उपलब्ध करायें।

    उक्त बढ़ाई गई अवधि तक लिखित कथन दाखिल न होने की स्थिति में आपको व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने हेतु सम्मन जारी किये जाने पर विचार किया जा सकता है।

आयुक्त
विकलांग जन, उ0प्र0

 

न्यालालय, आयुक्त विकलांग-जन, उ0प्र0

अन्तर्गत विकलांग जन (समान अवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम-1995 21,
कृष्णा कालोनी, फैजाबाद रोड,
लखनऊ उ0प्र0, (दूरभाष सं0 : 0522-2328004)
पत्रांक :                 /        /  अनु0/आ0वि0जा0/नो0/200    -0    /लखनऊ            दिनांक    /        /200
कारण बाताओ नोटिस

वाद सं0- ...........................

प्रकरण में               ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................

 

बनाम,                  ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
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 विकलांग जन समान अवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी अधिनियम-1995 के अन्तर्गत कार्यालय, आयुक्त विकलांग जन, उ0प्र0 में आपके विभाग के विरूद्ध एक शिकायती प्रार्थना पत्र संलग्न प्रस्तुत किया गया है।

    उपरोक्त शिकायती प्रार्थना पत्र के ----------------------- णोपरान्त, विकलांग जन अधिनियम-1995 की धारा 62 के अन्तर्गत वाद पंजीकृत करते हुए यह निर्णय लिया गया है कि प्रश्नगत प्रकरण में आपको कारण बताने हेतु अवसर प्रदान किया जाए कि क्यों न प्रश्नगत शिकायती पत्र को स्वीकार कर लिया जाये।

   

शिकायत का संक्षिप्त विवरण : ............................................................................................
.............................................................................................................................
.............................................................................................................................

    एतद् द्वारा आपको नोटिस दी जाती है कि उपरोक्त शिकायत के सम्बन्ध में अपना प्रस्तरवार उत्तर / अभिकथन इस नोटिस के निर्गत होने के 30 दिनों के अन्दर लिखित रूप से दिनांक         /        / 200    तक दाखिल करें। इस सम्बन्ध में अाप यथा आवश्यक अतिरिक्त सम्बन्धित तथ्य भी उपलब्ध करा सकते है।

दाखिल प्रस्तरवार उत्तर/अभिकथन की एक प्रति वादी / वादियों को भी अपने स्तर से उपलबध करायें।

संलग्नक: शिकायती प्रपत्र

मूल रूप में

आयुक्त
विकलांग जन, उ0प्र0


न्यालालय, आयुक्त विकलांग-जन, उ0प्र0

अन्तर्गत विकलांग जन (समान अवसर, अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम-1995 21,
कृष्णा कालोनी, फैजाबाद रोड,
लखनऊ उ0प्र0, (दूरभाष सं0 : 0522-2328004)
पत्रांक :                 /        /  अनु0/आ0वि0जा0/नो0/200    -0    /लखनऊ            दिनांक    /        /200
उपस्थिति हेतु सम्मन, विकलांग जन अधिनियम-1995, धारा 62 के अन्तर्गत

वाद सं0- ...........................

प्रकरण में               ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................

 

बनाम,                  ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................
                        ...........................................................................................

चूंकि उपरोक्त शिकायत अाप के विभाग / संस्थान के विरूद्ध संस्थित की गई है, जिसकी सं0............................. है तथा जिसके लिये आपको 'कारण बताओ नोटिस' दिनांक     /    /200    को जारी की गई थी, जिसके द्वारा आपको अपना पक्ष लिखित रूप में दाखिल करने के लिए आदेशित किया गया था।

उपरोक्तानुसार आप द्वारा दाखिल लिखित कथन पर / लिखित कथन न दाखिल किये जाने पर विचारोपरान्त एतद्द्वारा आपको नोटिस दी जाती है कि आप स्वयं अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से आयुक्त विकलांग जन, उ0प्र0 के समक्ष 21, कृष्णा कालोनी, फैजाबाद रोड, लखनऊ वर दिनांक        /    / 200    को समय .....................बजे पूर्वान्ह / अपरान्ह प्रश्नगत दावे का उत्तर देने हेतु उपस्थित हों। आपको यह भी निर्देश दिये जाते है कि उपरोक्त दिवस पर उन अभिलेखो को प्रस्तुत करें जो कि आप अपने बचाव में प्रस्तुत करना चाहें तथा उसकी एक प्रति वादी / वादियों को भी उपलब्ध करायें।

इस नोटिस द्वारा निर्धारित दिवस पर उपस्थित न होने की स्थिति में शिकायत की एकतरफा सुनवाई कर ली जायेगी तथा प्रकरण पर एकतरफा निर्णय प्रदान किया जा सकता है।

मेरे हस्ताक्षर एवं मुहर के साथ दिवस....................माह....................वर्ष....................को जारी की गयी।

आयुक्त
विकलांग जन, उ0प्र0
नोट: सम्मन के तामील हो जाने के पश्चात अगली तिथियों एवं कार्यवाही की जानकारी सम्बन्धित पक्षों को स्वयं प्राप्त करनी होगी।